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December 16, 2013

ग़ज़ल
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बदी का कोहसार है तो हो रहे तो हो रहे
सफ़र तवील यार है तो हो रहे तो हो रहे

न कम हुआ जुनूं अभी,न हौसला हुआ है कम
शदीद इन्तिशार है तो हो रहे तो हो रहे

लिखा तो जायेगा हमारा नाम जंगजुओं में
अगर हमारी हार है तो हो रहे तो हो रहे

अकेली लौ चिराग की बहुत है इसके वास्ते
घना जो अन्धकार है तो हो रहे तो हो रहे

मुहब्बतें तो खुशबुओं की तर्ह फ़ैल जायेंगीं
अना का गर  हिसार है तो हो रहे तो हो रहे.

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